जब श्रमिकों का दर्द देखकर डिंपल यादव सड़को पर निकली, तब सरकारी अमले की नींद टूटी

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IMAGE CREDIT-SOCIAL MEDIAसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार राज्य की योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों के सुख-दुःख एवं पुनर्वास के मामले में घोर अक्षमता प्रदर्शित की है. श्रमिक भूखे-प्यासे सैकड़ों किलामीटर पैदल चल रहे है, उनके खाने-पीने की व्यवस्था के सरकारी दावे झूठे साबित हो रहे हैं.
जो श्रमिक दूसरे प्रांतों से आ गए हैं उनकी रोजी और पुनर्वास के मामले में भी अभी केवल कागजी फाइलें चलाई जा रही हैं. ठोस में कुछ भी नहीं हो रहा है.
मुख्यमंत्री जी के दावों में कितनी सच्चाई है इसी से स्पष्ट है कि श्रमिकों को जब बासी खाना दिया गया तो उन्होंने उसे फेंक दिया. हरदोई, चंदौली, मिर्जापुर स्टेशनों पर बदइंतजामी से परेशान श्रमिकों ने हंगामा किया. शाहजहांपुर में लुधियाना से सीतापुर जा रहे पांच यात्री चलती ट्रेन से कूद गए.कई जगह भूखे लोगों ने छीना-झपटी भी की.
image credit-social mediaवह तो सरकारी अमले की नींद उस समय टूटी जब पूर्व सांसद डिम्पल यादव ने श्रमिकों की बदहाली और सरकारी उपेक्षा से क्षुब्ध होकर स्वयं राहत पहुंचाने की मुहिम संभाली. उनके द्वारा तपती दोपहरी की बिना परवाह किये कई दिन से एक्सप्रेस-वे और अयोध्या मार्ग पर बसों में भूखे-प्यासे श्रमिकों को भोजन और पानी वितरित किया जा रहा है.
कामगारों ने इसके लिए उनका बार-बार आभार व्यक्त किया. इन श्रमिकों को रास्ते में भी कुछ नहीं मिला था. मानो भाजपा ने मजबूर मजदूरों और गरीबों के सब्र का इम्तहान लेने का इरादा कर लिया है.
कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार की न कोई रणनीति है और न नियत. जिस तरह से सरकार ने श्रमिकों की अनेदखी की गई, वैसे ही आम नागरिकों को उनके हाल पर छोड़ दिया है. उत्तर प्रदेश में 70 हजार से ज्यादा बसों का बेड़ा है. सरकार की नियत ठीक होती तो बहुत पहले ही श्रमिकों को बिना तबाह किये उनके घरों पर पहुंचा दिया होता.
image credit-social mediaसमाजवादी पार्टी ने पूरे लाॅकडाउन पीरियड में अपने नेताओं कार्यकर्ताओं को गरीबों और भूखे-प्यासे श्रमिकों को भोजन-पानी तथा राशन पहुंचाने के लिए निर्देशित किया.
जनता में जब राहत पहुंचने लगी तो खुद हाथ पर हाथ धरे भाजपाईयों ने सत्ता के सहारे समाजवादी साथियों पर झूठे मुकदमें भी दर्ज करा दिए, इसके बावजूद समाजवादी राहत कार्यों में लगे हैं.जनता ने भी देखा है कि कौन उनके दुःख दर्द में शामिल है और कौन सिर्फ राहत को तमाशा बना रहा है। सरकार ने श्रमिकों के साथ धोखा किया. उन्हें अपमानित और उपेक्षित करने का महापाप किया है.
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