भाजपा की मानसिकता गरीब विरोधी, इनके रहते कभी किसान का भला नहीं हो सकताः अखिलेश

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Image credit- social mediaसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इनकी मानसिकता गरीब और किसान विरोधी है, इनके रहते कभी किसान का भला नहीं हो सकता.
अखिलेश यादव ने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने हाल में जो न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए हैं, वह सिर्फ छलावा है. जब क्रय केन्द्र नहीं है तो किसान अपनी उपज कहां बेचेगा? सरकारी नीतियों में विसंगतियों के चलते भी किसान परेशान है. मसलन मक्का और ऑयल सीड की खरीद ज्यादातर मुर्गी पालन उद्योग में होती है.
जब पोल्ट्री उद्योग सरकार ने बंद किया तो मक्का खरीद भी बंद हो गई. किसान की बोई फसल बर्बाद हो गई. भाजपा सरकार के रहते किसानों को कोई आर्थिक लाभ होने वाला नहीं है. जब प्रदेश में ही मण्ड़ियों में उसकी फसल बिक नहीं पा रही है तो वह दूसरे प्रदेशों में बिना सरकारी मदद के कैसे जा पाएगा?

उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों के साथ दूसरा छल यह किया कि एक ओर समर्थन मूल्य बढ़ाने का नाटक किया तो दूसरी तरफ डीजल और गैस के दाम बढ़ा दिए. रासायनिक खाद, कीटनाशक, बिजली, सिंचाई और बीज के संबंध में किसान को कोई रियायत नहीं मिली.
भाजपा सरकार में फल-फूल, सब्जी, दूध का काम करने वाले किसान मुश्किलों में फंस गए हैं. किसान से कहा जा रहा है कि वह बैंको से ज्यादा कर्ज ले, असल में भाजपा का खेती-किसान से कुछ लेना देना नहीं है. उसकी मानसिकता गरीब विरोधी, किसान विरोधी है.

सपा मुखिया ने कहा कि प्रदेश में किसानों की जिंदगी बदहाल होती जा रही है. गन्ना किसानों का लगभग 20 हजार करोड़ रूपया मिलों पर बकाया है. गन्ना बकाये पर कानूनन 14 दिन बाद भुगतान न होने की स्थिति में किसानों को ब्याज की राशि भी मिलनी चाहिए, इस पर सभी मौन साधे हैं.
मुख्यमंत्री जी की मिल मालिकों पर सख्त कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है क्योंकि पूंजीघराने ही तो भाजपा के समर्थक हैं. उद्योगपतियों को तमाम छूट और राहत पैकेज देने वाली भाजपा क्रय केन्द्र हो या मिलों के तौल केन्द्र वहां किसानों का सिर्फ लाइन लगवाना जानती है.
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