उत्तराखंड के बेटे ने कैसे सन्यास से सियासत तक का सफर किया तय?

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज 49वां जन्मदिन है. उनका जन्म उत्तराखंड के एक सामान्य परिवार में 5 जून 1972 को पिथौरागढ़ के पंचुर गांव में हुआ था. उनका असल नाम अजय सिंह बिष्ट है. उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट फारेस्ट रेंजर के रूप में काम करते थे. मां सावित्री देवी अब भी एक सामान्य गृहणी के रूप में अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं.
ऐसा पहली बार होगा जब सीएम योगी आदित्यनाथ अपने पिता के बिना अपना जन्मदिन मनाएंगे. उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट का इसी साल कुछ वक्त पहले निधन हुआ है.

शुरूआती जीवन
योगी आदित्यनाथ ने अपनी पढ़ाई उत्तराखंड से की है. श्रीनगर जिले में स्थित गढ़वाल विश्वविद्यालय से उन्होंने बीएससी तक की पढ़ाई की. शिक्षा के दौरान ही उन्होंने राम जन्मभूमि आन्दोलन के सदस्य के रूप में अपने सार्वजानिक जीवन की शुरुआत की. इसी दौरान गोरखपुर में उनका परिचय गोरक्षपीठ महंत अवैद्यनाथ से हुआ.
महंत अवैद्यनाथ का पूर्वांचल की राजनीति में ख़ासा प्रभाव था. अवैद्यनाथ ने योगी की राजनीतिक समझ को भांपते हुए उन्हें अपना शिष्य बना लिया. जिसके बाद अजय सिंह बिष्ट, योगी आदित्यनाथ बन गए और ये उनकी नई पहचान बनी.

पहली बार बने 1998 में सांसद 
1998 में जब महंत अवैद्यनाथ ने गोरखपुर के सांसद रहते हुए राजनीतिक सन्यास का ऐलान किया तो योगी आदित्यनाथ को उन्होंने अपना उत्तराधिकारी बनाया. इसी साल वह 26 साल की उम्र में सांसद के रूप में संसद पहुंचे. इसके बाद वह लगातार पांच पर गोरखपुर सीट से सांसद बने.
साल 2014 में महंत अवैद्यनाथ के समाधी लेने के बाद योगी आदित्यनाथ को गोरक्षपीठ का पीठाधीश्वर बना दिया गया. इसी साल जब 2014 में योगी पांचवी बार सांसदी का चुनाव जीते तो यूपी की सियासत में वह पूरी तरह उभर कर आए.
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