लालू के बेटे तेजस्वी की कप्तानी में खेलते हुए चमकी थी विराट कोहली की किस्मत

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भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली इन दिनों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं. उनकी बल्लेबाजी तकनीक का लोहा पूरी दुनिया ने माना है. उन्हें क्रिकेट में रन मशीन के नाम से भी अब जाना जाता है. क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में विराट कोहली की तूती बोलती है.
विराट कोहली आज जिस मुकाम पर हैं उसमें कहीं न कहीं हाथ पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर का भी है. वह दिलीप वेंगसरकर ही थे जिन्होंने विराट की प्रतिभा को सबसे पहले भांपा था.
दिलीप वेंगसरकर ने अपने एक इन्टरव्यू में बताया है कि साल 2000 में बीसीसीआई ने एक टैलेंट को खोजने वाली कमिटी बनाई थी, जिसका मैं अध्यक्ष था. मेरे साथ ब्रिजेश पटेल भी थे. मैं देशभर में अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 के मैच देखता था.
उन्होंने बताया कि विराट कोहली को मैंने पहली बार अंडर-16 मैच में मुंबई के खिलाफ देखा था. विराट कोहली लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव की कप्तानी में खेल रहे थे. विराट ने वहां जबरदस्त बल्लेबाजी की.
दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग ट्राफी होनी थी जिसमें मैंने विराट कोहली को चुना था. मैंने विराट कोहली को वहां देखा और ग्रेग चैपल मेरे साथ बैठे थे. वहां विराट ने रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 123 रन बनाए. वहां मुझे लगा कि ये खिलाफी टीम इंडिया के लिए तैयार है.
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