सुप्रीमकोर्ट ने जगन्नाथ रथयात्रा पर लगाई रोक, कहा अगर ऐसा करते तो भगवान हमें माफ न करते

Share and Spread the love

कोरोना वायरस की वजह से हमारी आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों पर बहुत असर पड़ा है. 25 मार्च से लागू हुए लॉकडाउन के बाद से लेकर अब तक किसी तरह का कोई बड़ा आयोजन नहीं किया गया है. आगे भी अभी ऐसी संभावना नजर नहीं आ रही है कि कोई बड़ा आयोजन किया जा सके.
आज सुप्रीमकोर्ट ने ओडिशा के पुरी में होने वाली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के कार्यक्रम पर रोक लगा दी. चीफ जस्टिस एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस एस ए बोपन्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती.

चीफ जस्टिस ने यहां तक कह दिया कि अगर हम इस रथ यात्रा का आयोजन होने देते तो भगवान हमें कभी माफ नहीं करते. उन्होंने कहा कि इस माहामारी के समय में इतना बड़ा आयोजन नहीं हो सकता है. पीठ ने ओडिशा सरकार से कहा कि वो महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य में कहीं पर भी रथयात्रा और धार्मिक जुलूस की अनुमति न दे.
ओडिशा विकास परिषद एनजीओ की ओर से ये जनहित याचिका दायर की गई थी. बता दें कि रथयात्रा कार्यक्रम में लगभग 10 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान था. इसमें देश और दुनिया के अलग अलग देशों से लोग शामिल होने आते रहे हैं.
The post सुप्रीमकोर्ट ने जगन्नाथ रथयात्रा पर लगाई रोक, कहा अगर ऐसा करते तो भगवान हमें माफ न करते appeared first on AKHBAAR TIMES.