मिशन – 2022 फतह हेतु भाजपा को घेरने की अखिलेशियन रणनीति!

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कोरोना संक्रमण समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए वरदान साबित होने जा रहा है। कोरोना संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन में पहली बार अखिलेश यादव चापलूसों, घर घुसरू सलाहकारों की घेराबंदी से बाहर निकले।
अपने पूरे राजनीतिक जीवन काल और 2017 में हुई असफलता के बिन्दुओं पर चिंतन-मनन किया। भाजपा की एक – एक कमियों को बिन्दुवार लिखा और उसे लेकर जनता के बीच में जाने का निर्णय लिया। किसी भी विरोधी राजनीतिक दल को चुनाव में शिकस्त देने के लिए 36 नाके होते हैं।
हर एक नाके पर भाजपा को घेरने की रणनीति बनाई । आपातकाल की बरसी पर उन्होने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को जनता के बीच में जाने और चर्चा करने के निर्देश दिये । इस समय वे अपने प्रति पूरी तरह निष्ठावान लोगों को ही जिले की कमान सौंप रहे हैं । चाचा शिवपाल सिंह के साथ मनमुटाव सुलझा लेने के बाद वे आत्मविश्वास से भी लबरेज दिखाई पड़ रहे हैं ।
आइये अपने इस शोधपूर्ण लेख में उन बिन्दुओं या उन नाको पर विचार करते हैं, जिन पर वे और उनकी पार्टी भाजपा को घेरने की रणनीति बना रही है –
1. घोषणाओ का अमल न होना – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे भाजपा के संकल्प पत्र का ठीक से अध्ययन करें, जिसमें वह पाएंगे कि भाजपा ने केंद्र और प्रदेश के चुनावों में जो वायदा किया था, उसमें से एक भी पूरा नहीं किया है । उसे जनता के बीच जाकर उजागर करें ।
2. आंतरिक सुरक्षा की विफलता –देश और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था के बारे में हर कार्यकर्ता और नेताओं को अपने-अपने क्षेत्र में हुए अपराधों की फेहरिश्त बनाने का निर्देश दिया है, और उन अपराधों की पूरी फेहरिश्त के साथ जनता के बीच में जाकर उसके संबंध में चर्चा करने को निर्देश दिये हैं ।
साथ ही उन्होने यह भी कहा है कि आंतरिक सुरक्षा के नाम की फेहरिश्त दो भागों में बनाई जाए, पहली में बड़े अपराधों को रखा जाए, जिससे पूरा देश और प्रदेश प्रभावित हुआ हो और दूसरी फेहरिश्त स्थानीय स्तर की हो।
3. प्रगति और विकास के सपने चकनाचूर – चुनाव के समय या इसके पहले और बाद में भी भाजपा के लोगों ने जनता को प्रगति और विकास के खूब सपने दिखाये थे। जिसमें से एक भी पूरे नहीं हुए हैं । कार्यकर्ता प्रगति और विकास पर उनके दिखाये गए सपने की फेहरिश्त बना कर जनता के बीच उसकी चर्चा करके उनकी नकमियों को उजागर करें ।
image credit-social media4. संवैधानिक – लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर हमला –भाजपा के शासन काल में चाहे उत्तर प्रदेश की बात हो या केंद्र की, संवैधानिक और लोकतंत्रिक ढांचा बुरी तरह से प्रभावित हुआ है । सारे संगठन और संस्थाएं सरकार के हाथों की कठपुतली बनी हुई हैं । कोई भी एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है । इसकी भी चर्चा सपा कार्यकर्ता और नेता जनता से चर्चा करते समय जरूर करें ।
5. सीमाओं की सुरक्षा और भारत की संप्रभुता बचाने में नाकाम – चीन, नेपाल, भूटान और पाकिस्तान की सीमाओं पर बढ़ते तनाव और उसे रोकने में भाजपा की नकमियों को भी उजागर करने की ज़िम्मेदारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के कंधों पर डाली है । उन्होने कहा है कि इस पूरे मसले पर नेता और कार्यकर्ता गहन अध्ययन करें और इस पर जनता के बीच संवाद करें ।
6. नोटबंदी – नोटबंदी के मसले को अखिलेश यादव 2022 के चुनाव में छोडने के मूड में नहीं दिखाई देते हैं। उनका मानना है कि नोटबंदी की वजह से देश की पूरी जनता प्रभावित हुई और गरीब, मजदूर और मजलूम व मध्यम वर्ग के लोगों के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई।
अपने ही पैसे निकालने के लिए तरह तरह की बंदिशे लगाई गई और लोग कड़कती धूप में भी लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर हुए । जिसमें कई लोगों की मौत भी हो गई । इस मुद्दे को याद दिलाने के निर्देश समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को दिये हैं ।
7. जीएसटी – एक और पुराने मुद्दे जीएसटी को भी लेकर उन्होने जनता के बीच में जाने की बात कही है और यहनिर्देश दिया है कि वे छोटे और मझले व्यापारियों को ध्यान दिलाये कि किस तरह जीएसटी की वजह से उनका बिजनेस बर्बाद हो गए ।
8. रोजगार देने में विफल – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव युवाओं को अपने पक्ष मे करने के लिए रोजगार के क्षेत्र में सरकार की विफलता को उजागर करने का निर्णय लिया है ।
Image credit- social mediaउहोने अपने कार्यकर्ताओं को कहा है कि वे जनता के बीच में जाएँ और उनके बेरोजगार बेटे को रोजगार देने के लिए चुनाव के समय क्या-क्या वायदे किए गए थे, उसकी याद दिलाते हुए सरकार की नाकामियों को उजागर करें । साथ ही अपनी सपा सरकार के समय रोजगार और नौकरी के क्षेत्र में किए गए सृजन की भी चर्चा करें ।
9. आपातकाल के बनते हालात – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे हालात 1975 में बने
थे, और आपातकाल लागू हुआ था, वैसे ही हालात इस समय भी बनते नजर आ रहे हैं । लोगों को अपने विचार प्रकट की भी आजादी नहीं रही है। जो ऐसा करता है, उसके किसी न किसी षड्यंत्र में फंसा कर जेल भेज दिया जाता है ।
10. सरकारी रणनीति से समस्याएँ अनियंत्रित – अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह घुट्टी पिलाने की कोशिश की है कि इस समय जितनी भी समस्याएँ समाज में दिखाई दे रही हैं, उसके पीछे किसी न किसी रूप से सरकारी रणनीति की असफता है । सपा कार्यकर्ता नेता और कार्यकर्ता हर एक समस्या का अध्ययन करें और वह किस तरह सरकार की गलत रणनीति की वजह से असफल हुआ है, उसे जनता के बीच उजागर करें ।
11. लॉक डाउन के साइड इफेक्ट – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ-साफ शब्दों मे अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि लॉक डाउन के दौरान किस तरह आम जनता, गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ है। उसे जनता के सामने उजागर करें ।
12. समाजवादी कार्यों पर अपने नाम की पट्टिका – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि कौन-कौन कार्य समाजवादी पार्टी के कार्यकाल मे हुए थे। और कहाँ – कहाँ भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार की पट्टिका हटा कर अपने नाम की पट्टिका लगाई। इसकी लिस्ट हर एक कार्यकर्ता के पास होना चाहिए और उस संबंध में जनता के मध्य चर्चा करना चाहिए ।
13. किसानों के साथ छल – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का मानना है कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारें उसके साथ छल कर रही हैं। उसके बेहतरी के लिए अक्सर लोकलुभावनी घोषणाएँ कर रही हैं। लेकिन सही बात तो यह है कि घोषित की गई एक भी योजना जमीन पर नहीं उतर पा रही है । किसान को उसकी फसल की लागत के आधे मूल्य भी नहीं मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से वह बेहद परेशान है । वे सपा सरकार के समय किसानों के लिए किए गए कार्यों और भाजपा सरकार के समय की घोषणाओं और उसकी जमीनी हकीकत का अध्ययन कर जनता के समक्ष प्रस्तुत करें ।
IMAGE CREDIT-SOCIAL MEDIA14. विचौलियों और कंपनियों द्वारा किसानों की लूट की खुली छूट – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को साफ-साफ निर्देश दिये हैं कि वे किसानों की समस्याओं की चर्चा करते समय इस बात का उल्लेख जरूर करें कि किस तरह सरकार की शह पर उन्हें लूटा जा रहा है।
किस प्रकार बिचौलिये और कंपनियाँ उन्हें लूट रही है। इसी कारण उन्हें अपनी फसलों का वाजिब मूल्य नहीं मिल पा रहा है ।
15. खेती की उपेक्षा – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं से यह भी कहा है कि कई क्षेत्रों में किसानों की फसलें सरकार की उपेक्षा की वजह से नष्ट हो गई। ऐसे किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए । किसानो के बीच में इस बात की चर्चा जरूर करें ।
16. कारपोरेट घरानों को लूट की छूट – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से स्पष्ट रूप से कहा है कि किस तरह भाजपा सरकार आम जनता की मदद न करके कारपोरेट घरानों को लूट की खुली छूट दे रखी है, इसकी चर्चा हर कार्यकर्ता जरूर करे ।
17. प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित किसानों की मदद नहीं – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों से सहानुभूति प्रकट करते हुए इस वर्ष आई सभी प्राकृतिक आपदाओं की चर्चा भी जरूर करें । किस प्रकार सरकारी नीतियों के चलते उन्हें उचित मुआवज़ा नहीं मिला, इसकी भी चर्चा जरूर करें। साथ ही सपा सरकार के दौरान किस तरह से ऐसी स्थिति में उन्हें मुआवज़ा दिया जाता था, उसका जिक्र करना न भूलें ।
18. छोटे और मझोले दूकानदारों की उपेक्षा – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा है कि भाजपा सरकार छोटे और मझोले दूकानदारों की हमेशा से उपकषा करती आई है। उसके कल्याण के लिए उनकी कोई योजना ही नहीं होती है। जो योजना होती है, वह कागज पर ही दम तोड़ देती है ।
19. श्रमिकों का शोषण और धोखा – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह भी बताया है कि किस प्रकार से प्रदेश के श्रमिको का शोषण किया जा रहा है। विषम परिस्थिति का हवाला देकर श्रम क़ानूनों से छेड़छाड़ की जा रही है। जिससे मजदूरों का भविष्य अनिश्चित हो गया है ।
20. कोरेना संक्रमण नियंत्रित करने में नाकाम –कोरेना संक्रमण और उसके होते विस्तार की पूरी जानकारी हर कार्यकर्ता लिख ले और किस तरह से सरकार की आधी अधूरी तैयारियों की वजह से लोग संक्रमित हुए, उनकी संख्या बढ़ रही है और इलाज के अभाव में लोग दम तोड़ रहे हैं, इसकी चर्चा करना न भूलें ।
imeage credit0-social media21. प्रवासी मजदूरों की अनदेखी –पर्याप्त संख्या में बसें, ट्रेनें होते हुए भी किस तरह से मजदूरों को पैदल होने को मजबूर किया गया। उनके खाने पीने की भी व्यवस्था तक नहीं की गई। इस बात की भी हर एक सपा कार्यकर्ता और नेता जनता के बीच में उठते बैठते चर्चा जरूर करे ।
22. राशन वितरण व्यवस्था फेल – लॉक डाउन के दौरान राशन वितरण की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई। पूरे दिन-दिन भर लाइन में लगने के बाद भी लोगों को राशन नहीं मिला । ऐसे समय में जब अधिक अस्थाई कंट्रोल खोलने की जरूरत थी। सरकार ने अपर्याप्त कंट्रोल सेंटरों से ही काम निकाला । जिसकी वजह से कठिनाई होने के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में राशन न पहुँचने की वजह से लोगों को राशन भी नहीं मिले ।
23. सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे – लॉक डाउन के समय में सपा कार्यकर्ताओं की सेवा-भावना की सराहना करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि किस तरह से प्रवासी मजदूरों को भोजन व राशन वितरित करते समय कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। इसकी एक लिस्ट हर कार्यकर्ता व नेता के पास होना चाहिए । जिससे जनता से संवाद करते समय नाम सहित इस ज्यादती को जनता को बताया जा सके ।
24. बाहरी निवेशकों के बारे मे झूठा प्रचार – बाहरी निवेशकों के बारे में भाजपा सरकार जनता के बीच मे जो झूठ फैला रही है, इससे भी जनता को अवगत कराएं । पहले भी इस प्रकार की मीट और घोषणाएँ की गई थी, जो जमीन पर नहीं उतरी, उनका उल्लेख करते हुए प्रभावी तरीके से अपनी बात रखने की हिदायत दी गई ।
25. सत्ता संरक्षित अपराधों की बाढ़ –इस समय जितने भी अपराध हो रहे हैं, उन सभी को सत्ता द्वारा संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी कारण अपराध करने के बाद भी अपराधी बेखौफ होकर लोगों को डरा-धमका रहे हैं और उनके खिलाफ पुलिस और कानून भी मूकदर्शक बना हुआ है। ऐसे सभी सत्ता संरक्षित अपराधों की भी सपा कार्यकर्ता जनता के बीच में चर्चा अवश्य करें ।
26. भाजपा जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता से दुर्व्यवहार –भाजपा जनप्रतिनिधियों द्वारा आम जनता के साथ आए दिन दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इसकी भी एक फेहरिश्त कार्यकर्ता और नेता अपने पास रखें और ऐसी घटनाओं का भी जनता के बीच में खुलासा करें ।
27. महिलाएं और बच्चियाँ असुरक्षित – अखिलेश यादव ने कहा कि महिलाओं के सुरक्षा के लिए उन्होने जो डायल – 100 और डायल – 102 की व्यवस्था की थी। सरकार की उपेक्षा और अनुभवहीनता के कारण वे बंद सी पड़ गई हैं। इस कारण महिलाओं के प्रति अपराधों की बाढ़ आ गई है। महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रहे अपराधों की पूरी लिस्ट हर कार्यकर्ता के पास होनी चाहिए और जनता के बीच में वे जरूर इसकी चर्चा करें कि किस तरह से भाजपा सरकार में उनके घर की आबरू भी सुरक्षित नहीं रह गई है ।
28. फर्जी एनकाउंटर – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को प्रदेश में हुए हर एक फर्जी एनकाउंटर की चर्चा जनता के बीच में करने की हिदायत दी है । उन्होने फर्जी एनकाउंटर की लिस्ट भी बना कर अपनी जेब रखने के निर्देश दिये हैं ।
29. आर्थिक बदहाली से करते आत्महत्या – चाहे किसान हो या मजदूर भाजपा सरकार की नीतियों की वजह से इतना बदहाल हो गया है कि अपने और अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी भी नहीं जुटा पा रहा है। इस कारण वह शर्मिंदगी या डिप्रेशन की वजह से अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर रहा है। ऐसी आत्महत्याओं का पूरा आकडा हर हर कार्यकर्ता और नेताओं को रखने के अखिलेश यादव ने निर्देश दिये हैं ।
30. सरकारी भर्तियों के नाम पर युवाओं से छल – इस सरकार में सबसे अधिक ठगा हुआ इस प्रदेश का युवा महसूस कर रहा है। युवाओं को बरगला कर सत्ता में आई यह सरकार न तो उन्हें नौकरी दे पा रही है और न ही रोजगार । सरकार द्वारा जितनी भी भर्तियाँ निकाली जा रही हैं, उसमें खूब भ्रष्टाचार किया जा रहा है। परीक्षा होने के पहले उसके पर्चे आउट हो रहे हैं। अपने चहेतों को उन्हे बेचा जा रहा है। और विज्ञप्ति और भर्ती प्रक्रिया में जानबूझ कर इतनी कमियाँ छोड़ी जा रही हैं, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया को कोर्ट में चेलेंज किया जा सके ।
IMAGE CREDIT-SOCIAL MEDIA31. मुद्दों से भटकाना और भ्रम फैलाना –कि भाजपा जनता को मुद्दो से भटकने और भ्रम फैलाने में माहिर है। इसलिए जनता से चर्चा करते समय कार्यकर्ता भाजपा की इस प्रवृत्ति की चर्चा जरूर करें। जिससे समय रहते जनता को सावधान किया जा सके ।
32. पिछड़ी और अनुसूचित जतियों के प्रति नफरत –इस सरकार में पिछड़ों और अनुसूचित जतियों के लिए प्रति एक नफरत फैलाने का षडयंत्र चल रहा है। यह किसी से छिपा नहीं है। इसलिए सरकार के इस षडयंत्र का भी जनता के बीच जाकर उसका पर्दाफाश करें ।
33. सांप्रदायिकता को बढ़ावा – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं को सावधान करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी चुनाव के समय हिन्दू – मुस्लिम करके एक सांप्रदायिक माहौल बनाने का काम करती है । इसलिए सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को सावधानीपूर्वक अपने विचार रखना चाहिए, जिससे उन्हें सांप्रदायिक माहौल बनाने का मौका ही नहीं मिले । साथ ही जनता को भी यह संदेश देने की कोशिश करना चाहिए । वे प्रेमपूर्वक रहें । राजनेताओं के कहने पर सांप्रदायिक रूप से विभाजित न हो ।
34. विद्युत उत्पादन ठप्प – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे सपा सरकार में प्रारम्भ की गई सारी विद्युत परियोजनाओं की चर्चा करते हुए यह बताएं कि भाजपा सरकार ने बिजली उत्पादन की एक भी यूनिट अभी तक नहीं लगाई ।
35. स्वास्थ्य सेवाओं –सुविधाओं समाप्त –सपा सरकार के दौरान प्रदेश के लोगों के लिए तमाम सुविधायें और सहूलियतें प्रदान की गई थी। एक ओर जहां एक रूपये के पर्चे से लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयाँ दी जाती रही है वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों को भी इलाज के लिए मुक्त हस्त से सहयोग करने का अधिकार दिया गया था ।
36. कुंठित छात्र –न तो छात्रों की शिक्षा की उचित व्यवस्था की जा रही है और न ही पूरी पारदर्शिता के साथ भर्ती की कोई प्रक्रिया ही पूरी हो पा रही है। इसके साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता भी नहीं बची है। पेपर आउट हो रहे हैं। अपने चहेतों को बिना योग्यता के पास किया जा रहा है। पिछड़े और अनुसूचित जाति को संविधान प्रदत्त आरक्षण के साथ छेड़छाड़ की जा रही है । जिसकी वजह से हर एक छात्र कुंठाग्रस्त महसूस किया जा रहा है ।
इन मुद्दों पर विचार करने के बाद इस बात का तो आभास हो रहा है कि समाजवादी पार्टी 2022 मिशन को लेकर काफी संजीदा दिखाई दे रही है। आज से ही वह चुनाव में उतरने का संकेत देते हुए अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं का आह्वान कर चुकी है। लेकिन इन बिन्दुओं को वह जमीन पर कितना उतारने में सफल होती है। उसी पर उसकी सफलता और असफलता निर्भर करेगी ।
प्रोफेसर डॉ. योगेन्द्र यादव
पर्यावरणविद, शिक्षाविद, भाषाविद,विश्लेषक, गांधीवादी /समाजवादी चिंतक, पत्रकार, नेचरोपैथ व ऐक्टविस्ट
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