GST के तीन साल पूरे होने पर व्यापारी बोले, कारोबार हुआ तबाह, कमाई ठप, जलाया पुतला

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आज समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के तत्वाधान में प्रान्तीय व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष व सपा व्यापार सभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में माल रोड में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जीएसटी की तीसरी वर्षगांठ पर समाजवादियों ने जीएसटी को व्यापारी विरोधी बताते हुए जीएसटी रूपी प्रतीतात्मक राक्षस का पुतला जलाया और “ जीएसटी के तीन साल व्यापारी, किसान, युवा बेहाल“ के नारे लगाए.
सपा व्यापार सभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष व सपा समर्थित उत्तर प्रदेश प्रान्तीय व्यापार मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि 1 जुलाई हर व्यापारी, उद्यमी, दुकानदार के लिए काला दिवस है. आज के ही दिन ठीक 3 वर्ष पहले जब जीएसटी व्यवस्था लागू की गई थी तब व्यापारियों को प्रधानमंत्री ने दिलासा दिया गया था की सरल टैक्स प्रणाली और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक देश एक टैक्स के उद्देश्य से जीएसटी लागू की जा रही है पर 3 वर्ष में व्यापार तबाह होकर वेंटिलेटर पर पहुंच गया. उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से व्यापारी बर्बाद हो चुका है अर्थव्यवस्था डूब चुकी है.
अभिमन्यु ने कहा की व्यापारी खासकर छोटा, मझोला व्यापारी सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहा है. एक देश एक टैक्स की जगह एक देश कई टैक्स वाली जटिल जीएसटी में इतना तनाव है कि व्यापारी बीपी और दिल की बीमारियों का मरीज बन रहा है. सीए और वकील के खर्चों से व्यापारी दर्द में चीख रहा है. जीएसटी से बाजार की चाल, चेहरा और चरित्र सब बिगड़े हुए हैं. कमाई ठप है और लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं.

सपा नेता ने कहा कि जीएसटी लागू करने के बाद से ही सरकार ने उसमें सैकड़ों संशोधन किए जो की इस बात को दर्शाता है कि सरकार अपनी गलती मान रही है क्योंकि सरकार ने जीएसटी जल्दबाजी में बिना सोचे समझे लागू की. विश्व बैंक तक ने माना की भारत में लागू की गई जीएसटी दुनिया मे सबसे जटिल है. ऐसी जीएसटी लागू हुई जिसमें हजयात्रा और कफ़न तक पे टैक्स है. खाने वाले बिस्किट पे टैक्स सोने के बिस्कुट से ज़्यादा है.
सपा व्यापार सभा के कानपुर नगर अध्यक्ष हरप्रीत भाटिया लवली ने कहा की कोरोना लॉकडाउन ने तो व्यापारी को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया. हरप्रीत लवली ने कहा कि हैरानी इस बात की है कि सरकार ने मास्क, सैनिटाइजर व काढ़े तक पे जीएसटी लगा रखा है.
नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने कहा की जीएसटी उस रूप में लागू ही नहीं की गई जिस रूप में दिखाई गई थी. जितेंद्र जायसवाल ने मांग रखी की पेट्रोल डीजल को जीएसटी में लाया जाए, जीएसटी को सरल बनाया जाए, हर माह की जगह तिमाही रिटर्न की व्यवस्था की जाए, हज यात्रा और धार्मिक वस्तुओं की खरीद से जीएसटी हटे और टैक्स 12 प्रतिशत से ज़्यादा न लिया जाए.
संजय बिस्वारी ने मांग रखी की सभी का रिफण्ड दस दिन में वापिस किया जाए, एचएसएन कोड के नियमों में बदलाव किए जाए, मंडी शुल्क समाप्त किये जाएं.
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