8 साल पहले थी चाय की दुकान, विकास के संपर्क में आया और बन गया बेहिसाब संपत्ति का मालिक

Share and Spread the love

कानपुर मामले के बाद जो नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं उनमें एक नाम जय बाजपेयी का भी है. जय बाजपेयी को एसटीएफ ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. तीन लग्जरी कार कानपुर में मिलने के बाद बृह्मनगर निवासी जय बाजपेयी को पुलिस ने हिरासत में लिया था. जांच में ये गाड़ियां जय की ही निकली थीं.
सूत्रों का कहना है कि जय बाजपेयी विकास दुबे की आपराधिक दुनिया का अहम किरदार है. पुलिस को शक है कि जय ने विकास दुबे की भागने में मदद की और उसे गाड़ी मुहैया कराई.
आठ साल पहले तक जय नजीराबाद इलाके की प्रिंटिंग प्रेस में चार हजार रूपये की नौकरी करता था. उससे पहले वह एक चाय की दुकान चलाता था. प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी करने के दौरान ही वह विकास के संपर्क में आया है. जिसके बाद वह विकास के साथ मिलकर विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त में साथ देने लगा. कुछ समय में ही वह विकास का खास बन गया.
विकास के कहने पर वह बड़े निवेश करने लगा. जमीन में पैसे लगाने से लेकर ब्याज पर पैसे देने तक. देखते ही देखते जय आकूत संपत्ति का मालिक बन गया. पुलिस ने बताया है कि जय का कानपुर-लखनऊ रोड पर एक पेट्रोल पंप है. वहीं चर्चा इस बात की भी है कि हाल में जय ने विकास दुबे के खाते में 15 लाख रूपये ट्रांसफर किए हैं.

हालांकि जय की मां प्रसून देवी का कहना है कि पुलिस उनके बेटे को फंसा रही है. जिसे पकड़ना चाहिए उसे नहीं पकड़ रही. उनके बेटे का अपराधी से कोई संबंध नहीं है. पर वह इस बात का जवाब नहीं दे पायीं कि उनके बेटे ने इतने कम समय में इतनी संपत्ति कैसे बना ली?
कॉमेडियन अन्नू अवस्थी भी बताते हैं बेकसूर 
पुलिस जब जय को थाने ले आई तो जाने माने कॉमेडियन अन्नू अवस्थी भी थाने पहुंच गए. उनका कहना है कि जय को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पारिवारिक रिश्ते होने के चलते जय की गाड़ियों का इस्तेमाल उन्होंने ने भी किया है.
अपनी एक फेसबुक पोस्ट में अन्नू अवस्थी लिखते हैं कि क्या तीन गाड़ी रखना अपराध है. तीनों गाड़ी पर फाइनेंस है वो एक नंबर की गाड़ियां है. कुछ लोग अपनी खुन्नस निपटाने का मौका पा कर सम्मानित लोगों की भी फोटो वायरल कर रहे हैं. उसने लॉकडाउन में लोगों को राशन बांटा है.
The post 8 साल पहले थी चाय की दुकान, विकास के संपर्क में आया और बन गया बेहिसाब संपत्ति का मालिक appeared first on AKHBAAR TIMES.