‘आंख से अंधे नाम नयनसुख’ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तेजस्वी के लिए ऐसा क्यों कहा?

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image credit-social mediaएक कहावत है आंख के अंधे नाम नयनसुख और ये कहावत नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर सटीक बैठती है, सच उन्हें दिखाई नहीं देता और झूठ के बवंडर बांधते फिरते हैं.
ये कहना है बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का. मंगल पांडेय ने तेजस्वी यादव को उनके माता-पिता के 1990 से लेकर 2005 तक के शासनकाल को याद दिलाते हुए कहा कि 15 साल में बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर मटियामेट और जगह-जगह चरवाहा विद्यालट खोलकर सरकारी राशि का बंदरबांट करने वाले शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर लोगों को दिग्भ्रमित करने का काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष नासमज और लापरवाह. सूबे की जनता के साथ गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करते हैं. संकट की घड़ी में घर से भाग जाना या फिर घर में बंद हो जाना उनकी फितरत बन चुकी है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बयान देने वाले लोगों को आज तक मुजफ्फरनगर जाने का समय क्यों नहीं मिला. चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों को देखने क्यों नहीं गए? क्या चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों से मिलने के लिए उनके पास वक्त नहीं हैं.
मंगल पांडेय ने कगा कि राजद के शासनकाल में स्थिति तो ये थी कि मेडिकल कालेज अस्पतालों में रोगियो की संख्या शतक नहीं लगा पाती थी. ब्लाक स्तर की बात की जाए तो रोगियों की संख्या प्रतिदिन दो भी पार नहीं कर पाती थी.
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