हमारा कानूनी सिस्टम अमीरों की मदद करता है उसे गरीबों की भी सुननी चाहिएः जस्टिस दीपक गुप्ता

Share and Spread the love

सुप्रीमकोर्ट के जस्टिस दीपक गुप्ता बुधवार को रिटायर हो गए. अदालत के इतिहास में पहली बार किसी जज को वर्चुअल तरीके से विदाई दी गई. अपने विदाई भाषण में उन्होंने कहा कि संविधान ही जजों की पवित्र पुस्तक है. अदालत में बैठने वाले जज को अपनी धार्मिक मान्यताओं को भूलना होगा.
जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि सिस्टम का काम अमीरों और शक्तिशाली लोगों के पक्ष में अधिक लगता है. यदि एक अमीर आदमी सलाखों के पीछे चला जाता है तो यही सिस्टम तेजी से काम करने लगता है.

जब कोई गरीब आदमी अपनी आवाज को उठाता है तो उसकी सुनवाई उतनी तेजी से नहीं हो पाती है, सुप्रीमकोर्ट को उसे भी सुनना चाहिए और जो भी गरीबों के लिए किया जा सके उसे वो करना चाहिए. न्यायपालिका को हर अवसर पर उठना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि मेरे भाई जैसे जजों के चलते ये सुनिश्चित किया जाएगा कि लोगों को अदालत से जो उम्मीदें हैं वो होना चाहिए.
दीपक गुप्ता ने कहा कि हमें केवल संविधान के आधार पर मामले तय करने चाहिए. हमारे धार्मिक ग्रंथ हमारी व्यक्तिगत मान्यता के लिए हैं. जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा कि 42 साल तक इस पेशे में रहने के दौरान मैंने हर पल का आनंद लिया है.
The post हमारा कानूनी सिस्टम अमीरों की मदद करता है उसे गरीबों की भी सुननी चाहिएः जस्टिस दीपक गुप्ता appeared first on AKHBAAR TIMES.