लंबी पूछताछ के बाद भी नहीं मिला कोई सबूत, फिर अचानक कैसे जय ने खोल दिए राज?

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विकास दुबे के खजांची के रूप में सामने आए कानपुर के जय बाजपेयी ने कई राज खोले हैं. बिकरू गांव प्रकरण के बाद पुलिस को तीन लग्जरी कारें लावारिस मिली थी, जोकि ब्रह्मनगर निवासी जय बाजपेयी की निकली. पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे थाने बुलाया. जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाती रही.
लंबी पूछताछ होने के बाद भी जय के खिलाफ पुलिस को कुछ खास सबूत नहीं मिल पाए थे. बीते शनिवार को जब जय को छोड़े जाने की बात फैली तो रविवार रात फिर उसकी गिरफ्तारी की बात सामने आ गयी.
जिसके बाद सोमवार को उसे उसके साथी प्रशांत शुक्ल उर्फ़ डब्बू के साथ जेल भेज दिया गया. इससे पहले कहा जा रहा था कि जय के वारदात में शामिल होने का सबूत नहीं मिल रहा है. वहीं अब सामने आया है कि जय बाजपेयी की विकास दुबे से एक जुलाई को फोन पर बात हुई थी. दो जुलाई की शाम को जय बिकरू गांव भी गया था. इस दौरान उसने असलाह उपलब्ध करवाया था. साथ ही दो लाख रूपये कैश भी दिया था.
ऐसे में जय पर साजिश रचने व आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी बनाकर मामला दर्ज किया गया है. इस सब मामले में प्रशांत ने जय का साथ दिया.
एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया है कि जय की गाड़ियों का इस्तेमाल विकास और उसके साथियों ने फरार होने के लिए किया या नहीं इसकी जांच की जा रही है. जय और प्रशांत की क्या भूमिका रही इस पर भी जांच हो रही है.
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