विकास दुबे प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- ऐसी मुठभेड़ दोबारा न हो

Share and Spread the love

image credit-social mediaकानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात जो घटना हुई थी, उसमें आठ पुलिसकर्मियों की जान गयी. इस प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को हिदायत देते हुए कहा कि ध्यान रखें कि ऐसी मुठभेड़ दोबारा न हो. इसके साथ ही यूपी सरकार द्वारा प्रस्तावित आयोग के सदस्यों के नामों को मंजूरी दे दी.
सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय आयोग इस मामले की जांच करेगा. आयोग को दो महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट और उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपनी है.
तीन सदस्यीय इस आयोग में जस्टिस बीएस चौहान के अलावा इलाहबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायधीश शशिकांत अग्रवाल और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता सदस्य हैं. पीठ ने कहा है कि यह समिति बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों के मारे जाने और इसके बाद हुई मुठभेड़ की घटनाओं की जांच करेगी.
यूपी सरकार की ओर से सालिसीटर तुषार मेहता ने जांच समिति की कार्य शर्तों को पढ़कर सुनाया. इस पर अदालत ने कहा कि हम जांच समिति के हाथ नहीं बांधना चाहते हैं. जांच समिति के लिए कार्य-शर्तें रखना उचित नहीं है. जांच का दायरा व्यापक होना चाहिए.
गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले पर सुनवाई के दौरान हैरानी जताई थी कि विकास दुबे पर इतने केस होने के बावजूद उसे जमानत कैसे मिली हुई थी.
The post विकास दुबे प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से कहा- ऐसी मुठभेड़ दोबारा न हो appeared first on AKHBAAR TIMES.