विकास दुबे की तरह बनना चाहता था प्रभात, करता था पीतल भरने की बात

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बिकरू प्रकरण मामले में आरोपी रहा प्रभात मिश्रा विकास दुबे को अपना रोल मॉडल मानता था. वह विकास की तरह की बनना चाहता था. प्रभात की फेसबुक प्रोफाइल खंगालने पर कई चीजें खुलकर सामने आई हैं. प्रभात उर्फ़ कर्तिकिये विकास दुबे को ही कॉपी करता था. वह पोस्ट करते हुए कहता था कि विकास दुबे के खौफ से डरो.
जिस तरह विकास दुबे, पंडित विकास दुबे बन गया था. प्रभात भी उसी तरह पंडित कार्तिकेय बनना चाहता था. उसकी फेसबुक आईडी पंडित कार्तिकेय मिश्रा के नाम से बनी है.
अपनी एक पोस्ट में प्रभात ने लिखा कि जिस-जिस ने बेवजह पंगा लिया है, वो याद रखे, टाइम आने दो पीतल न भर दी तो कहना. बिकरू गांव में 2 जुलाई को जो घटना हुई उसमें प्रभात भी शामिल था. बताया जा रहा है कि प्रभात विकास दुबे के समूह का सक्रीय सदस्य था. वह विकास से काफी प्रभावित था. वह विकास के कहने पर कुछ भी कर सकता था.
लोग बताते हैं कि विकास ने गांव के युवाओं का ब्रेनवाश कर दिया था. प्रभात जैसे युवा विकास को सरकार मानते थे. बिकरू गांव में राजेन्द्र कुमार मिश्रा खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करते. परिवार में पत्नी सुमन और इकलौते बेटे प्रभात के साथ रहते थे. प्रभात की दोस्ती अमर दुबे से थी. अमर विकास दुबे का बेहद करीबी था. जिसके चलते प्रभात भी उसके साथ कोठी पर जाया करता था. धीरे-धीरे वह भी विकास के समूह का हिस्सा बन गया था. प्रभात 8 जुलाई को एनकाउंटर में मारा गया था.
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