दीपक दुबे और शिव तिवारी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, इस वजह से नहीं संभल पाए पुलिसकर्मी

Share and Spread the love

कानपुर के बिकरू प्रकरण में अब एक नया खुलासा हुआ है. जिससे समझा जा सकता है कि जब पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ तो उन्हें संभलने का मौका क्यों नहीं मिल पाया. विकास दुबे के भाई दीपक दुबे और उसके करीबी शिव तिवारी सामान्य रायफल के लाइसेंस पर सेमी ऑटोमैटिक रायफलें रखते थे. इन दहशतगर्दों ने उस रात इन रायफलों से भी गोलियां बरसायीं थीं.
इन रायफल को बेचने वाला अब गन हाउस मालिक एसटीएफ की रडार पर है. पुलिस प्रशासन ने विकास दुबे, उसके परिजनों व करीबियों के शास्त्र लाइसेंसों का ब्यौरा जुटाया है. जिसके बाद 26 शस्त्रधारकों के 28 लाइसेंस निलंबित कराए.
जाँच में सामने आया कि विकास और उसके भाई दीपक दुबे के पास एनपी बोर रायफल(315 बोर) के लाइसेंस हैं. दीपक की पत्नी अंजलि के नाम पर रिवाल्वर का लाइसेंस है. इसमें दीपक ने सेमी ऑटोमैटिक रायफल खरीदी थी. गुर्गे शिव तिवारी के पास भी सेमी ऑटोमैटिक रायफल है. इन दोनों रायफलों को कानपुर के ही गन हाउस से खरीदा गया था. जबकि 315 बोर के लाइसेंस पर सेमी ऑटोमैटिक रायफलें नहीं खरीदी जा सकती हैं.
ऐसे में गन हाउस मालिक भी पुलिस की रडार पर आया है. एसटीएफ उससे पूछताछ करेगी. एसटीएफ के अफसर के मुताबिक इस तरह की धांधली में गन हाउस मालिक खेल करते हैं. वे सेमी ऑटोमैटिक रायफल गलत तरीके से देने के दौरान दावा करते हैं कि इसका सेमी ऑटोमैटिक वाला फंक्शन ख़राब कर दिया गया है और ये सामान्य रायफ की तरह ही है. नियमानुसार अगर सेमी ऑटोमैटिक रायफल पंचर हो जाती है तो उसे बेचा नहीं जाता है. लेकिन इन लोगों को ये रायफलें पंचर दिखाकर ही बेंची गयी थी.
The post दीपक दुबे और शिव तिवारी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, इस वजह से नहीं संभल पाए पुलिसकर्मी appeared first on AKHBAAR TIMES.