प्रधानमंत्री मोदी के लाल किले की प्राचीर से संबोधन की बड़ी बातें

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image credit: getty74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. लाल किले से प्रधानमंत्री का यह सातवां संबोधन रहा. उन्होंने कहा कि आजादी के पीछे लाखों बेटे-बेटियों का त्याग और बलिदान है. आजादी का पर्व नए संकल्पों के लिए उर्जा का अवसर है.
संबोधन की बड़ी बातें-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धर्म: की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेको लोग चौबीस घंटे लगातार काम कर रहे हैं.
आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा
पीएम मोदी ने कहा कि आखिर कब तक हमारे ही देश से गया कच्चा माल, अंतिम उत्पाद बनकर भारत में लौटता रहेगा. एक समय था, जब हमारी कृषि व्यवस्था बहुत पिछड़ी हुई थी. तब सबसे बड़ी चिंता थी कि देशवासियों का पेट कैसे भरे, लेकिन आज हम सिर्फ भारत ही नहीं. दुनिया के कई देशों का पेट भर सकते हैं.
उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले तक एन-95 मास्क, पीपीई किट, वेंटीलेटर ये सब हम विदेशों से मंगाते थे. आज इन सभी में भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है.
उन्होंने कहा कि भारत एक बार ठान लेता है तो करके रहता है. हमारे युवाओं और महिलाओं में अप्रतिम क्षमता है. हम आत्मविश्वास से भरा भारत चाहते हैं. हम आत्मनिर्भर भारत चाहते हैं. आगे कहा कि हमारे देश में अथाह प्राकृतिक संपदा है. हमारे पास क्या नहीं है. हम दुनिया को कब तक कच्चा माल भेजते रहेंगे. हम कच्चा माल भेजते हैं और फिर उससे बनी चीजें खरीदते हैं. ये खेल कब तक चलेगा?
मेक फोर वर्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कम्पनियां भारत का रुख कर रही हैं. हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फॉर वर्ल्ड के मन्त्र के साथ आगे बढ़ना है. भारत को आधुनिकता की तरफ, तेज गति से ले जाने के लिए, देश के कुल मिलाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को एक नयी दिशा देने की जरूरत है. ये जरूरत पूरी होगी नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट से.
इस पर देश 100 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट की पहचान भी की जा चुकी है. ये एक तरफ से इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक नयी क्रांति की तरह होगा.
उन्होंने कहा कि 7 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए, राशनकार्ड हो या न हो, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त अन्न की व्यवस्था की गयी. बैंक खतों में करीब-करीब 90 हजार रूपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.
आत्मनिर्भर किसान 
देश के किसानों को आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रूपये का एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाया गया है. पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था. आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है.
कोरोना की तीन वैक्सीन बना रहा भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना को लेकर नागरिकों को चिंता है. सब यह जानना चाहते हैं कि वैक्सीन कब आएगी. मैं आपको बताना चाहता हूं कि भारत में एक नहीं बल्कि तीन-तीन वैक्सीन अलग-आलग चरणों में ट्रायल की प्रक्रिया में हैं. मंजूरी मिलने के बाद हम व्यापक पैमाने पर इसका उत्पादन शुरू कर देंगे. देश के हर नागरिक तक यह वैक्सीन कैसे पहुंचने इसके लिए खाका तैयार किया जा चुका है.
हेल्थ आईडी कार्ड की घोषणा
पीएम ने कहा कि आज देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन. नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नयी क्रांति लेकर आएगा. आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ आईडी में समाहित होगी.
महिला शक्ति ने देश का नाम रोशन किया
पीएम ने कहा कि हमारा अनुभव कहता है कि भारत में महिलाशक्ति को जब-जब अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया है. देश को मजबूती दी है. आज महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं.
जम्मू कश्मीर की एक नयी विकास यात्रा का साल
पीएम ने कहा कि ये एक साल जम्मू-कश्मीर की एक नयी विकास यात्रा का साल है. ये साल जम्मू-कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है. ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है. बीते वर्ष लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर, वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया. हिमालय की ऊँचाइयों में बसा लद्दाख आज विकास की नयी ऊँचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है.
सिर्फ सीमा मिलने वाले देश ही पड़ोसी नहीं
उन्होंने कहा कि पड़ोसी चाहे जमीन से जुड़े हों या समंदर से. हम उन सभी पड़ोसी देशों को जोड़ रहे हैं. हम अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहरा कर रहे हैं.
दक्षिण एशिया के नेताओं को इस विशाल आबादी के विकास में साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. इस पूरे इलाके में जितनी शांति होगी उतरनी ही यह मानवता के हित में होगा. आज सिर्फ पड़ोसी वही नहीं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं, बल्कि वो भी हैं जिनसे दिल मिलता है.
संप्रभुता को चुनौती देने वाली कोशिशों को देश की सेना ने दिया जवाब
चीन का नाम लिए बगैर ही निशाना साधते हुई पीएम ने कहा कि ऐसे मुश्किल वक्त में हमारी संप्रभुता को चुनौती देने की कोशिश की देश की सेना ने ऐसी शक्तियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया. देश के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं. दुनिय ने ये लद्दाख में देख लिया है.
 
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