निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस कर 20 लाख करोड़ के पैकेज की दी जानकारी, ये हैं मुख्य बिंदु

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Image credit- ANIप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के एलान के बाद आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस पैकेज के बारे में विस्तृत जानकारी दी. इस दौरान उनके साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे. उन्होंने क्या कुछ कहा ये है अहम बातें.
समाज के कई वर्गों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद पीएम ने एक व्यापक दृष्टिकोण को आपके सामने रखा.
आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ-अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड हैं. आत्मानिर्भर भारत का मतलब यह नहीं है कि भारत को एक अलगाववादी देश होना चाहिए.
हमारे पास जो गरीबों, जरूरतमंदों, प्रवासियों, दिव्यांगों और देश के वृद्धों के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे हम नहीं भूलेंगे. आने वाले दिनों में मैं मेरी टीम के साथ आपके सामने आऊंगी. आने वाले दिनों में इस पैकेज की हर रोज अलग-अलग विस्तृत जानकारी दी जाएगी.
IMAGE CREDIT-SOCIAL MEDIAएमएसएमई की परिभाषा में बदलाव किया गया है. ज्यादा टर्नओवर के बावजूद एमएसएमई का दर्जा खत्म नहीं होगा.
एक करोड़ के निवेश वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट होंगी. कारोबार ज्यादा होने पर भी एमएमएमई का फायदा मिलता रहेगा. वहीं मीडियम के लिए 20 करोड़ रुपये तक की निवेश सीमा होगी. हर तरह के सेक्टर में लगी एमएसएमई को योजना से फायदा होगा.
15 हजार रुपये से कम वेतन वालों का ईपीएफ अगस्त तक केंद्र देगा. नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का योगदान सरकार कर रही है. इसमें करीब 2500 करोड़ रुपये का खर्च होगा. स्थानीय ब्रांड को दुनिया में पहचान दिलानी है. आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत का है, जो लोकल लेवल पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे, न कि अपने में सीमित रहे.
लॉकडाउन के बाद गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया गया था. लॉकडाउन में राशन और अनाज का वितरण किया गया. जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी राशन मुहैया करवाया गया. लोगों के खाते में पैसे पहुंचाए गए
नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों (NBFC) के लिए 30,000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटि स्कीम का ऐलान किया गया है.
image credit-twiterएनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा. आंशिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा. इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा.
डिस्कॉम यानी बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी 90 हजार करोड़ रुपये की योजना.
सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, हाइवे आदि छह महीने तक ठेकेदारों को राहत देंगे. पीपीपी में भी छह महीने तक राहत दी जा सकती है.
छोटे उद्योगों (MSME) के लिए 6 बड़े कदम उठाए गए हैं. इनमें MSME को 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी के लोन दिया जाएगा. 45 लाख यूनिट हैं. चार साल के लिए लोन दिया जाएगा.
संकट में फंसे एमएसएमई के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. 2 लाख एमएसएमई को होगा फायदा.
एमएसएमई जो सक्षम हैं, लेकिन कोरोना की वजह से परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा. रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगी कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए.
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