BJP ने साधा निशाना तो चव्हाण ने याद दिलाई सोने पर अटल-मोदी सरकारों की ये स्कीम

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कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कोरोना संकटकाल में सरकार से धार्मिक ट्रस्टों में मौजूद सोने के इस्तेमाल की बात कही. जिसको लेकर बीजेपी ने निशाना साधा है. ऐसे में अब पृथ्वीराज चव्हाण नए दावे के साथ सामने आए हैं. अब उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार और मोदी सरकार की ही स्कीमों का जिक्र किया है.
इससे पहले चव्हाण ने अपने एक ट्वीट में कहा था कि देश में धार्मिक ट्रस्टों के पास एक ट्रिलियन डॉलर का सोना पड़ा हुआ है. सरकार को कोरोना संकट से निपटने के लिए इस सोने का तुरंत इस्तेमाल करना चाहिए.
जिसके बाद बीजेपी ने पृथ्वीराज चव्हाण को निशाने पर ले लिया. ऐसे में अब चव्हाण ने कहा है कि साल 1999 में तब की अटल बिहारी बाजपेयी सरकार ने गोल्ड डिपोजिट स्कीम की शुरुआत की थी. 2015 में मोदी सरकार ने इसका नाम बदलकर गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम कर दिया.
आगे उन्होंने वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा के लोकसभा में दिए गए एक बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा के लोकसभा में दिए गए बयान के मुताबिक कई मंदिरों ने अपना सोना डिपोजिट कर रखा है.

My suggestion of gold monetization from all religious trusts has been deliberately twisted and misrepresented by a particular section of bhakt media. Gold Deposit Scheme was originally started by A B Vajpeyee Govt in 1999. (1/2) pic.twitter.com/vzkgDQAfO2
— Prithviraj Chavan (@prithvrj) May 14, 2020

पूर्व सीएम ने बताया कि वित्त मंत्रलाय की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक स्कीम के शुरू होने से 31 जनवरी, 2020 तक गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत 2952 विभिन्न ट्रस्टों ने गोल्ड जमा कराया है. इन ट्रस्टों ने 11 बैंकों में 20 टन से अधिक सोना जमा किया है.
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