राजपूत नहीं गुर्जर थे पृथ्वीराज चौहानः लखन गुर्जर रांकौली

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आज पृथ्वीराज चौहान की जयंती है. 12वीं सदी में उनका उत्तर भारत में राज था. उन्हें भारत के अंतिम हिंदू राजा के रूप में जाना जाता है. पृथ्वीराज चौहान की जयंती से पहले उनकी जाति को लेकर गुर्जर और राजपूत समुदाय आमने-सामने है, दोनों समाज उन्हें अपनी-अपनी जाति का बता रहे है.
गुर्जर स्वाभिमान संघ के प्रदेश अध्यक्ष लखन गुर्जर रांकौली ने कहा कि हम बार-बार पृथ्वीराज चौहान की गुर्जर जाति का होने का प्रमाण दे चुके है, अगर राजपूत समाज के पास प्रमाण है तो साबित है करें. लखन गुर्जर ने कहा गुर्जरों ने हमेशा देश के लिए शहादत दी है, हमारे पूर्वज, इतिहास दबाए नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि वास्तव मे राजपूत नामक जाति भारत मे 13वी सदी तक नहीं थी. गुर्जर साम्राज्य के पतन के बाद राजपुत्र शब्द का अभ्रंश राजपूत हो गया. लखन गुर्जर ने कहा कि स्व. इतिहासकार शूरवीर पंवार ने एक शोध-आलेख मे गुर्जरों को राजपूतो पूर्वज माना है.
पृथ्वीराज रासो मे पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर का गुर्जर परिवार मे होने वर्णन किया है, पृथ्वीराज विजय महा काव्य में पृथ्वीराज चौहान के गुर्जर जाति मे जन्म लेने का वर्णन किया गया है. गुर्जर नेता ने उनकी अपनी बात को सही साबित करने के लिए कुछ सबूत भी पेश किए हैं.
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